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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के जनहित में विभिन्न महानुभावों को महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इन दायित्वों के माध्यम से राज्य में जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ल...


देहरादून:-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूधंसाव से प्रभावित क्षेत्र के जिन परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है, शीतलहर के दृष्टिगत उन सभी परिवारों को हीटर एवं अलाव की पूरी व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र के लोगों को पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए कितनी धनराशि की आवश्यकता होगी, इसका गहनता से आंकलन किया जाए। जिलाधिकारी चमोली से लगातार समन्वय रखकर एवं स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखकर आंकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जोशीमठ के प्रभावित क्षेत्र से जो लोग विस्थापित होंगे, उनको स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग विस्थापित होंगे, उनकी आजीविका प्रभावित न हो। इसके लिए अभी से योजना बनाकर आगे कार्य करें।
जिन स्थानों पर प्रभावितों को विस्थापित किया जायेगा, उनको सरकार द्वारा हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं भी निकट हैं, प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई एवं परीक्षा देने में किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
जोशीमठ को लेकर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक खास समीक्षा बैठक की जोशीमठ में चल रहे राहत बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने जरूरी दिशा निर्देश भी दिए इसके साथ ही आपदा सचिव रंजीत सिन्हा ने जानकारी दी जोशीमठ में दरारों वाले मकानों में मामूली सी वृद्धि हुई है हालांकि हालात अब पहले से ज्यादा सामान्य है लोगों को अस्थाई तौर पर विस्थापन का कार्य चल रहा है अच्छी बात यह है कि कुछ स्कूल खतरे की जद में नहीं है और हॉस्पिटल भी खतरे की जद में नहीं है।
18 महिलाएं ऐसी हैं जो गर्भवती हैं जिनका अस्पताल में स्वास्थ परिक्षण रेगुलर चल रहा है शिविर में 81 बच्चे दस साल से छोटे हैं जिनका हर दिन स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जोशीमठ में स्थानीय प्रशासन विस्थापन के लिए कार्य योजना बना रहा है।
जोशीमठ के मौजूदा हालातों के बारे में प्रेस वार्ता कर सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत सिन्हा द्वारा जानकारी साझा की गई, जोशीमठ में दरार वाले भवनों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली है, 863 भवनों में अब तक दरारें चिन्हित की गई हैं वहीं 181 घरों को रहने के लिए पूरी तरह से असुरक्षित बताया गया है,
बीती रात भारी बारिश और बर्फबारी के चलते पानी के रिसाव में भी बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली है जो कि 100 लीटर पर मिनट से बढ़कर 250 लीटर पर मिनट तक हो चुका है, हालांकि ज्यादा ठंड की वजह से राहत शिवरों में हीटर और अलाव की व्यवस्था प्रशासन द्वारा कर दी गई है।
विस्थापित लोगों की संख्या भी बढ़ोतरी देखने को मिली है 269 परिवारों के 900 लोगों को अब तक विस्थापित किया जा चुका है , मुख्यमंत्री भी लगातार मामले का संज्ञान ले रहे है आज भी मुख्यमंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई थी जिसमे सभी राहत व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाते रहने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के जनहित में विभिन्न महानुभावों को महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इन दायित्वों के माध्यम से राज्य में जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ल...