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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के जनहित में विभिन्न महानुभावों को महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इन दायित्वों के माध्यम से राज्य में जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ल...


नई दिल्ली:-
23 अगस्त (वार्ता) उत्तराखंड में टिहरी बांध की विशाल झील के ऊपर 7500 फुट की ऊंचाई पर स्थित खैट पर्वत के शिखर पर योग यूनिवर्सिटी और संस्कृत महाविद्यालय खोलने की मांग की गई है ताकि इस रमणीक स्थल से प्राकृतिक वातावरण में योग और संस्कृत अध्ययन की नई धारा विकसित हो सके।
यह मांग क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और टिहरी बांध की झील पर बने डोबरा चांटी पुल निर्माण के संयोजक रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश्वर पैन्यूली ने टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह से की है। उनका कहना है कि खैट पर्वत पर योग यूनिवर्सिटी और संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना सरकारी निजी भागीदारी यानी पीपीपी मोड पर की जानी चाहिए।
श्री पैन्यूली ने बताया कि उन्होंने इस संदर्भ में अभियान शुरू कर दिया है और लोगों की राय लेकर इस दिशा में जनता एवं व्यवसायों के सहयोग की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस दिशा में कोशिश शुरु कर दी गई है और इसका अवधारणा पत्र तैयार कर विभिन्न क्षेत्र के प्रमुख लोगों को इसमे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा समुद्र तल से 7500 फुट की ऊंचाई पर टिहरी झील से सटा खैट पर्वत अनोखी कहानियों और रहस्यमयी दुनिया अपने आप में समेटे है। मान्यता है कि यह देवियां का सिद्ध स्थान है। इस जगह को परियों यानी आछरीयों का स्थान भी कहा जाता है। यहाँ पर प्रशिक्षित योग शिक्षक और संस्कृत के विद्वान जो ज्ञान देंगे वह योग और संस्कृत के क्षेत्र में निश्चित रूप से नया आधार बनेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर तो मिलेंगे ही, योग यूनिवर्सिटी और संस्कृत महाविद्यालय से निकले छात्र दुनिया भर में भारतीय-योग और संस्कृत का परचम और मजबूती से लहरायेंगे।
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के जनहित में विभिन्न महानुभावों को महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इन दायित्वों के माध्यम से राज्य में जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ल...