फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट को अंतिम विदाई, हरिद्वार में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में उमड़े समर्थक और नेता
26-11-2025 08:49 PM
हरिद्वार।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख नायक, यूकेडी के संस्थापक सदस्य और ‘फील्ड मार्शल’ के नाम से विख्यात दिवाकर भट्ट को बुधवार को हरिद्वार में नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों, समर्थकों और यूकेडी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने दिवाकर भट्ट की लोकप्रियता और जनता से उनके गहरे जुड़ाव को एक बार फिर साबित कर दिया।
दिवाकर भट्ट के अंतिम दर्शन को सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर फैल गई थी। अंतिम संस्कार में राज्य की कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी पहुंचीं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई नेता दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए श्मशान घाट पहुंचे और उनके योगदान को याद किया।
परंपरागत विधि-विधान के बीच दिवाकर भट्ट के पुत्र ललित भट्ट ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। हर किसी ने राज्य निर्माण में दिवाकर भट्ट की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उनका जाना एक युग का अंत है।
मंगलवार को 79 वर्ष की आयु में दिवाकर भट्ट का निधन उनके हरिद्वार स्थित आवास पर हुआ था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान उनके आक्रामक तेवर, अडिग नेतृत्व और जनांदोलन को दिशा देने की क्षमता के कारण उन्हें ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि मिली थी। आंदोलन के हर मोर्चे पर उनकी अग्रिम भूमिका ने उन्हें जनता के बीच एक मजबूत और प्रखर नेता के रूप में स्थापित किया।
दिवाकर भट्ट का योगदान हमेशा उत्तराखंड की राजनीतिक और आंदोलनकारी विरासत में सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा।