टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट अंतिम चरण में, दो नई यूनिटें जल्द जुड़ेंगी भारतीय ग्रिड से।
27-11-2025 08:41 AM
टिहरी गढ़वाल:-
टिहरी बांध परियोजना पर बन रहा 1000 मेगावाट का देश का पहला वेरिएबल पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। परियोजना की कुल चार यूनिटों में से 250-250 मेगावाट क्षमता की दो यूनिटें पहले ही भारतीय ग्रिड से सफलतापूर्वक जुड़कर नियमित बिजली उत्पादन कर रही हैं। वहीं शेष 500 मेगावाट की दो यूनिटों पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इन्हें भी जल्द ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
टीएचडीसी के सीटीओ एल. पी. जोशी ने बताया कि यह परियोजना तकनीकी, पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंप स्टोरेज प्लांट के माध्यम से देश को कोयले पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में बड़ी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण ने टिहरी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। निर्माण सामग्री, परिवहन, आवास, खाद्य सेवाओं सहित कई सहायक उद्योगों में मांग बढ़ने से स्थानीय लोगों को हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर मिले हैं।
देश ने साल 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में पंप स्टोरेज परियोजनाएं ग्रिड को स्थिरता और फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान कर नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को मजबूती देंगी।
सीटीओ ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर उत्तरी भारत की विद्युत क्षमता में 1000 मेगावाट की बढ़ोतरी होगी, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 2,442 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन संभव होगा। अब तक परियोजना पर लगभग 8000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वर्तमान में संचालित दोनों यूनिटें प्रतिदिन टीएचडीसी को करीब एक करोड़ रुपये प्रति यूनिट का राजस्व दे रही हैं।
वहीं उन्होंने कहा कि शेष दो यूनिटों के जल्द ग्रिड से जुड़ने के बाद यह परियोजना देश को स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।