Share: Share KhabarUttarakhandKi news on facebook.Facebook | Share KhabarUttarakhandKi news on twitter.Twitter | Share KhabarUttarakhandKi news on whatsapp.Whatsapp | Share KhabarUttarakhandKi news on linkedin..Linkedin

मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम को लेकर सक्रिय हुआ अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट, भालू की बढ़ती गतिविधियों पर विशेष निगरानी

25-11-2025 07:12 AM

बड़कोट।

वरिष्ठ पत्रकार ओंकार बहुगुणा की वाल से:- अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट ने हाल के दिनों में भालू की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी सक्रियता को और अधिक बढ़ा दिया है। प्रभाग ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने तथा किसी भी प्रकार की जनहानि से बचाव के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम तेज कर दिए हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र पुण्डीर ने बताया कि बीते दो महीनों से कुथनौर राजि और यमुनोत्री राजि के संवेदनशील इलाकों में वन विभाग की टीमों द्वारा सघन गश्त की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से भालू की आवाजाही की कोई भी सूचना मिलते ही विभाग की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं।

मानव बस्तियों के आसपास भालू के प्रवेश को रोकने के लिए एनाइडर व स्मार्ट स्टिक के माध्यम से उच्च आवृत्ति की ध्वनि उत्पन्न की जा रही है, जिससे जंगली जानवर दूर रहें। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिनसे भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने बताया कि वन विभाग न केवल गश्त बढ़ा रहा है बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। संवेदनशील गांवों में गोष्ठियां आयोजित कर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और युवक-मंडलों से संवाद कायम किया जा रहा है।

स्थानीय जनता को अपने घरों के आसपास नियमित सफाई रखने, झाड़ियों की कटाई करने और रात्रि में उचित प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। महिलाओं को चारा लेने जाते समय समूह में जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं स्कूली बच्चों को भी समूह में आवागमन करने के निर्देश दिए गए हैं।

मानव–वन्यजीव संघर्ष को लेकर की जा रही सक्रियता के तहत सोमवार को प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र पुण्डीर के निर्देशन में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन कुथनौर राजि कार्यालय में किया गया। उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल, वन क्षेत्राधिकारी आशीष नौटियाल तथा दोनों राजियों के कर्मचारी इस कार्यशाला में उपस्थित रहे।

कार्यशाला में कर्मचारियों को मानव–वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से सम्बंधित प्रशिक्षण, आवश्यक निर्देश और व्यवहारिक उपाय बताए गए।

उप प्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल ने कहा कि वर्तमान में कई स्थानों पर भालू की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा सघन गश्त, जागरूकता कार्यक्रम और ग्रामीणों का सहयोग मिलकर ही किसी भी संभावित मानव या पशु क्षति को रोका जा सकता है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी वन्यजीव की आवाजाही दिखने पर तुरंत क्षेत्रीय वन कर्मियों को सूचना दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।


ताजा खबरें (Latest News)

 टिहरी झील में अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग, केनोइंग चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ, 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
टिहरी झील में अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग, केनोइंग चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ, 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हिस्सा 28-11-2025 05:58 PM

टिहरी गढ़वाल विश्वप्रसिद्ध टिहरी झील आज एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के जल क्रीड़ा महोत्सव की साक्षी बनी। तीन दिवसीय इंटरनेशनल कयाकिंग–केनोइंग प्रेजिडेंट चैंपियनशिप का शुभारंभ शनिवार को टिहरी विधायक क...